लालपुर सरपंच-सचिव की बढ़ सकती है मुसीबतें.! जल्द होगी जांच टीम गठित,दोषी पाए जाने पर हो सकती है बड़ी कार्यवाही..?
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा:-ग्राम पंचायत लालपुर के सरपंच सचिव की धांधली का काला चिट्ठा अब जिले के ईमानदार कलेक्टर अजित वसंत के संज्ञान में आ चुका है।कयास लगाए जा रहे हैं इस पूरे मामले में जल्द ही निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर सरपंच सचिव पर कठोर से कठोर कार्यवाही हो सकती हैं।भ्रष्ट सरपंच सचिव के कारनामो से पूरा जिला दहल गया है।बेहद शातिराना ढंग से इन्होंने अपने कारनामो को अंजाम दिया है।
ग्राम पँचायत लालपुर के सरपंच सचिव बेख़ौफ़ भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं, इन्होंने सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग किया है।इनका हौशला इतना बुलंद हैं कि सिचाई विभाग द्वारा किये निर्माण कार्यों को स्वयं का बताकर लाखों रुपये अपने निजी खातों में आहरण कर लिए हैं।मजाल है कोई अधिकारी इनके खिलाफ चु से चा कर दे।सूत्र बताते हैं कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का इनको अंदरूनी संरक्षण प्राप्त है।
सरपंच धनेश्वर सिह से जब इन घोटालो के बारे में जाना गया तो इनके माथे से पसीना आ गया और ये सवालो का जबाव देने के बजाय भागते नजर आए, "चोर के दाढ़ी में तिनका " सरपंच पर यह मुहावरा पूरी तरह सटीक बैठता है।सूत्र बताते हैं कि गांव का सरपंच रिमोट से संचालित है इनका आका कोई और हैं।
वही ग्राम पंचायत सचिव हसन अली को पँचायत के भ्रष्टाचार का मास्टरमाइंड बताया जाता है,इनके इशारे व हस्ताक्षर से लाखों रुपये का घोटाला हुआ है।घोटाले भी इतने गम्भीर व शातिर तरीके से किये गए हैं कि उन्हें समझ पाना आसान नही था।लेकिन जब पानी सर से ऊपर हुआ तो इनके गुनाहों का पर्दाफाश हो गया और अब ये अपना मुंह छुपाते फिर रहे हैं।
इनके गुनाहों का काला चिट्ठा अब सार्वजनिक हो चुका है बस देर है तो प्रशासन के जांच की.. जहां इनके गुनाहों की सजा मिलनी है।गाँव की जनता भी ऐसे भ्रष्टाचारी सरपंच सचिव को सलाखों के पीछे देखना चाहती है जिन्होंने गाँव का विकास करने के बजाय जनता को धोखे में रख सरकार के पैसों का जमकर दुरुपयोग किया है।
सिंचाई विभाग का दावा, सीसी रोड़ विभाग ने बनया...
जिस सीसी रोड़ का जिओ टेक कर पँचायत अपना बता रहा है और लाखों रुपये आहरण किया गया है उस सीसी रोड़ को सिचाई विभाग पूरे दावो के साथ अपना बता रहा है,तो पँचायत द्वारा कैसे जिओ टेक कर लिया..? यह गड़बड़ी नही हो सकती बल्कि एक सोची समझी साजिश है सरकार के पैसों को डकारने की।हालांकि सरपंच सचिव पैसा डकारने में तो कामयाब हो गए लेकिन वे अब जांच से कैसे बचेंगे ये बड़ी बात होगी।अब जांच में ये क्या मनगढ़ंत कहानी पेश करेंगे या अपने गुनाहों की सजा भोगेंगे इस पर सबकी नजरें टिकी है.?
सरपंच सचिव के कारनामे..
पंचायत में 15वें वित्त आयोग से मिली राशि का भी नियम विरुद्ध उपयोग किया गया है। सूत्र बताते हैं कि नियमानुसार भुगतान सीधे वेंडर या फर्म के खाते में होना चाहिए, लेकिन यहां राशि सीधे सरपंच धनेश्वर सिंह ओरकेरा के खाते में स्थानांतरित की गई। वर्ष 2024-25 में किए गए भुगतान इस प्रकार हैं:- मंच निर्माण हेतु दो बार भुगतान ₹40,000, चबूतरा निर्माण – ₹19,000, सीसी रोड निर्माण सामग्री – ₹74,353, पचरी निर्माण – ₹74,880,सबमर्शीबल पम्प व सिंटेक्स सामग्री – ₹49,900, बोर खनन – ₹1,99,000
बाउंड्री वाल निर्माण – ₹1,19,868, चर्च में बाउंड्री वाल निर्माण – ₹1,20,000, रोड मरम्मत एवं पुलिया सामग्री – ₹50,000, हेंडपम्प हेतु सामग्री – ₹30,000… इसी प्रकार बोर खनन, सबमर्शीबल पम्प, सीमेंट-गिट्टी, सामग्री क्रय और अन्य मदों में भी लाखों रुपये का भुगतान गोलमाल पूर्वक किया गया है।
👉🏻वर्ष 2023-24 में भी संदिग्ध भुगतान
सीसी रोड निर्माण – ₹49,900 (दो बार), डेम के पास बोर खनन – ₹48,000 (रवि शंकर के खाते में), बोर खनन व सिबल फिटिंग – ₹70,000 (हुसैन पान मसाला के खाते में) ट्रांसफर हुए हैं।