डी. एन. तिवारी के लाइन हाजिर से मचा हड़कंप.! : एसपी के फरमान की पूरे जिले में जमकर हो रही चर्चा..
Shubh Arvind Sharma
Wed, Jul 1, 2026
KORBA: डी. एन. तिवारी के लाइन हाजिर से मचा हड़कंप.! एसपी के फरमान की पूरे जिले में जमकर हो रही चर्चा..
कोरबा:;-बेहतर पुलिसिंग के लिए प्रख्यात एसपी सिद्धार्थ तिवारी अपने कड़क तौर तरीके व उत्तम अनुशासन के लिए जाने जाते हैं।इन्होंने कोरबा जिले को अपराध मुक्त करने व अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने "सजग कोरबा" जैसे अभियान चलाकर सख्त कदम उठाए है।वही एसपी के आदेश ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।पूरे जिले में इस आदेश की जमकर चर्चा हो रही है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि,जिले के पुलिस कप्तान को एक कर्तब्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी को अचानक लाइन हाजिर करना पड़ गया.?

हाल ही में कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने 29 जून 2026 को एक स्थानांतरण आदेश जारी किया था,जिसमे कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी को कोतवाली की बड़ी जिम्मेदारी सौपी थी,वही निरीक्षक एम बी पटेल को कटघोरा थाना की जिम्मेदारी मिली है।आदेश के महज 24 घण्टे बाद धर्मनारायण तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया गया और हरदी बाजार थाना प्रभारी प्रमोद डड़सेना को कोतवाली का प्रभार दे दिया गया।इस औचक फेरबदल से जिले के पूरे पुलिस महकमे में हडकंप मच गया और नगर में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई।सबके जहन में बस एक ही सवाल है आखिर पुलिस कप्तान को ऐसा फैसला क्यो लेना पड़ा.? कहि पुलिस कप्तान पर किसी संगठन या राजनीति का दवाब तो नही.? जो पलक झपकते ही एक दबंग थानेदार लाइन हाजिर हो गए।

धर्मनारायण तिवारी पुलिस विभाग में उन अफसरों की श्रेणी में शामिल हैं जो अपनी सेवा के दौरान उच्चाधिकारियों के निर्देशो का पालन कर बेहतर पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं।इन्होंने कटघोरा में रहते हुए बेहतरीन पुलिसिंग की व्याख्या कर अपराध व अवैध गतिविधियों पर कड़ा अंकुश लगाते हुए जनता के बीच पुलिस की उत्कृष्ट छवि स्थापित की है।जनता इनकी कार्यशैली से बेहद प्रभावित है।कटघोरा के बुद्धजीवियों का मानना है कि पुलिस विभाग में धर्मनारायण तिवारी जैसे पुलिस अधिकारी मौजूद हो वहाँ आम जनता अपने आपको न केवल सुरक्षित महसूस करती है बल्कि ऐसे अधिकारी जहां होंगे वह स्थान अपने आप मे अपराध मुक्त हो जाता है ऐसे कर्तब्यनिष्ठ पुलिस अधिकारियों से ही पुलिस विभाग का सीना चौड़ा है।
पुलिस अधीक्षक का आदेश रामायण के उस वृत्तांत को ताजा कर दिया, "जिस राम को रात में राज्य मिलने वाला था, सुबह उन्हें वनवास हो गया।" बस ऐसा ही धर्मनारायण तिवारी के साथ हो गया,कोतवाली की गद्दी मिलने से पहले ही लाइन हाजिर हो गए। रामायण काल मे माता कैकई के कानों में मंथरा ने जहर घोला था,जो राम को वनवास हो गया,अब सवाल यह है कि धर्मनारायण तिवारी का लाइन हाजिर होना उनकी उदंडता का परिणाम है या कोई मंथरा बन कर एसपी के कान फूक दिया?सूत्र बताते हैं कि धर्मनारायण तिवारी की साफ सुधरी छवि और कड़क पुलिस सेवा से कुछ कथित रसूखदारों व नेताओं के माथे पर पसीना आना शुरू हो गया था ,कहि ये उनके लिए गले की हड्डी ना बन जाये,सो इनकी आमद होने से पहले ही कुछ अंदरूनी मंथरा ने एसपी के कान फूक दिए ऐसा माना जा रहा है तथा कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।जो कोतवाल बनने से पहले ही तिवारी लाइन हाजिर हो गए।अब वास्तव में क्या सच है ये रहस्य तो पर्दे के पीछे दफन है लेकिन कहि ना कहि माजरा कुछ तो है जो स्प्ष्ट नही है।वही पूरे जिले में इस घटनाक्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं जारी है।
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