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गुरसिया सरपंच निलंबित.! 37.26 लाख रुपये किये थे गबन.

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भ्रष्टाचार पर एसडीएम का बड़ा एक्शन: : गुरसिया सरपंच निलंबित.! 37.26 लाख रुपये किये थे गबन.

Shubh Arvind Sharma

Fri, Jul 10, 2026

भ्रष्टाचार पर एसडीएम का बड़ा एक्शन: गुरसिया सरपंच निलंबित.! 37.26 लाख रुपये किये थे गबन.

कोरबा/ पोड़ी उपरोड़ा 10 जुलाई 2026 : कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा से बड़ी खबर सामने आई है जहां भ्रष्टाचार में लिप्त एक सरपंच को पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।सरपंच पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप पाए गए,सरपंच ने सरकारी पैसों पर हाथ साफ कर 37.26 लाख रुपये गबन किये थे

बता दें कि ग्राम पंचायत गुरसिया की सरपंच श्रीमती हेमलता बघेल पर वित्तीय अनियमितता व पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप पाए गए लिहाजा इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोड़ी उपरोड़ा, श्री मनोज कुमार बंजारे द्वारा आज 10 जुलाई 2026 को यह निलंबन आदेश जारी किया गया है।

​37 लाख 26 हजार रुपये के गबन का है मामला

​सरकारी आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत गुरसिया के ग्रामीणों ने सरपंच हेमलता बघेल के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत की थी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत द्वारा कराई गई विस्तृत जांच और IDB| बैंक (शाखा कोनकोना) के बचत खाता विवरण से यह प्रमाणित हुआ कि सरपंच ने तत्कालीन सचिव श्री रविन्द्र कुमार सिंह के साथ मिलकर नियम विरुद्ध तरीके से शासकीय खाते से कुल रुपये 37,26,000/- (सैंतीस लाख छब्बीस हजार रुपये) की निर्माण कार्यों की राशि अपने निजी बचत खाते में ट्रांसफर कर ली थी।

​कानूनी कार्रवाई और धारा 40 के तहत केस दर्ज

​इस कृत्य को छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के वित्तीय व लेखा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन और गंभीर दुराचरण माना गया है। गंभीर आरोपों के आधार पर आरोपी सरपंच के विरुद्ध धारा 40(1)(क) के तहत पद से पृथक करने का प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। न्यायालय द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामील भी की जा चुकी है।

​निष्पक्ष जांच के लिए लिया गया फैसला

​आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सरपंच के पद पर बने रहने से ग्राम पंचायत के कार्यों, अभिलेखों और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया प्रभावित होने की पूर्ण संभावना थी। इसी के मद्देनजर, छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 39 की उपधारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निलंबन की कार्रवाई की गई है।

उक्त कार्यवाही से पोड़ी उपरोड़ा के पँचायत सरपंचों में हड़कंप मच गया है। एसडीएम की कार्यवाही बाद से कई भ्रष्ठ सरपंचो को भय सताने लगा है, कही उनके भ्रष्टाचार उजागर न हो जाये।बहरहाल एसडीएम की यह कार्यवाही सरकार के सुशासन को प्रदर्शित कर साबित करता है कि सरकार की नीति और सरकार के पैसों का दुरुपयोग करने वालो को भी सूरत में बख्सा नही जाएगा।

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