कैंसर से पीड़ित मरीज की सफल सर्जरी.! : डॉ. हिमांशु खुटिया ने रायपुर में की बड़ी सर्जरी..
Shubh Arvind Sharma
Sat, Feb 21, 2026
कैंसर से पीड़ित मरीज की सफल सर्जरी.! डॉ. हिमांशु खुटिया ने रायपुर में की बड़ी सर्जरी..
कोरबा/कटघोरा:-एक बार फिर डॉ. हिमांशु खुटिया ने एक बड़ी सर्जरी कर जिले का नाम रोशन किया है।केंसर की बीमारी से जूझ रहे मरीज की रायपुर के निजी अस्पताल में डॉ हिमांशु खुटिया व अन्य डॉक्टरों की टीम ने सफल सर्जरी की है।यह जटिल सर्जरी करीब 7 घण्टे तक चली।मरीज की सर्जरी को लेकर अन्य डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए थे लेकिन डॉ. हिमांशु ने हार नही मानी और मरीज की सफल सर्जरी कर मरीज को नया जीवन प्रदान किया।मरीज के परिजनों ने और मरीज ने डॉ हिमांशु का आभार व्यक्त कर भगवान का दर्जा दिये।
आपको बता दे कि कटघोरा से लगे ग्राम छुरी में एक मिडिल क्लास परिवार निवास करता है,परिवार की माली हालत इतनी अच्छी नही है कि परिवार कोई बड़ा खर्च उठा पाए,लेकिन जैसे तैसे कर यह परिवार अपना जीवन यापन कर रहा है।पुरानी कहावत है "गरीबी में आटा गिला" परिवार के मुखिया अमृत सागर की तबियत खराब हुई और पूरे परिवार के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच आई।अमृत सागर के ईलाज को लेकर परिवार के सदस्यो ने डॉक्टरों का दरवाजा खटखटाना शुरू किया।कई डॉक्टरों व अस्पतालों का चक्कर काटने के बाद भी परिवार के मुखिया को राहत नही मिली।एक तरफ डॉक्टरों का चक्कर और दूसरी तरफ लाखो रुपये के खर्च ने परिवार को तोड़ कर रख दिया।दरअसल अमृत सागर को क्या बीमारी है क्या समस्या है यह स्पष्ट नही हो पा रहा था बस ईलाज को लेकर परिवार के सदस्य दर दर भटकने को मजबूर थे।इस दौरान गरीब परिवार ने अपनी पूरी जमा पूंजी खर्च कर दी और कर्ज में डूब गया।बच्चों की पढ़ाई भी डिस्टर्ब हो गई।आ।अमृत सागर की पत्नी को इस दौरान भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।वह अपने पति के इलाज हेतु कई स्थानों पर धक्का खाई पति अमृत सागर की रिपोर्ट को लेकर कई डॉक्टरों व अस्पतालों के चक्कर काटी, अमृत सागर की पत्नी को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। पूरा परिवार मायूसी की गोद में समा गया।पर कहते हैं ना "भगवान के घर देर है अंधेर नही" , किसी सज्जन ने परिवार के सदस्यों को डॉ हिमांशु खुटिया से मिलने की सलाह दी।
अमृत सागर के ठीक होने की पूरी उम्मीद छोड़ चुके परिवार के सदस्यों ने डॉ हिमांशु खुटिया से संपर्क किया, इस दौरान डॉ हिमांशु ने अमृत सागर की प्रारंभिक जांच की,जांच के दौरान खुलासा हुआ कि अमृत सागर बोर्न की गम्भीर बीमारी से ग्रस्त है और वह केंसर का रूप ले चुका है।इन्होंने मरीज के परिजनों को बताया कि मरीज के पैर की हड्डी गल चुकी है और कैंसर का रूप ले चुकी है।इसकी सर्जरी कटघोरा में संभव नही है लेकिन इसकी सर्जरी हो सकती है और मरीज ठीक हो जाएगा।इसके पहले तो मरीज के परिजनों को बीमारी का ही नही पता था।डॉ हिमांशु के द्वारा बीमारी का पता चला।बीमारी ज्ञात होते ही परिजनों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई उन्हें मरीज के स्वास्थ्य का डर सताने लगा और दूसरी और भारी भरकम खर्चा की चिंता।वही डॉ. हिमांशु ने मरीज के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चिंता ना करे इसका ईलाज संभव है मरीज अपने पैरों पर खड़ा होगा और पहले जैसा हो जाएगा।डॉ की बातों से मरीज के परिजनों में हिम्मत आई और ईलाज की प्रक्रिया शुरू हुई।
मरीज के बाएं पैर में इंफेक्शन हो गया था,इस कारण उसके पैर की हड्डी गल चुकी थी,हड्डी रिकवर नही हो रही थी, और धीरे धीरे वह कैंसर का रूप ले ली।मरीज का पैर सिथिल हो चुका था।वह चलने में पूरी तरह लाचार हो चुका था।दर्द पीड़ा इस कदर थी कि उसे झेल पाना बेहद मुश्किल था।परिजन मरीज की हालत देख आंसू बहाने को मजबूर थे।डॉ. हिमांशु ने कटघोरा में असमर्थता जताते हुए रायपुर में ईलाज करने का सुझाव दिया।अमृत सागर पूर्व में अपना ईलाज रायपुर के निजी अस्पताल में करवा चुका था।
मरीज के ईलाज को लेकर रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया जहां निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज का ईलाज करने से हाथ खड़े कर दिए।उनका कहना था कि इसका इलाज संभव नही है मरीज की जान भी जा सकती है इतना रिश्क नही लिया जा सकता,लेकिन डॉ हिमांशु हार मानने वाले नही है वे उन डॉक्टरों की श्रेणी में सामिल है जो अंतिम सांस तक संघर्ष करते हैं।डॉ हिमांशु व अन्य डॉक्टरों की टीम तैयार हुई और 7 घण्टे के जटिल ऑपरेशन चला।सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी तब जाकर यह सर्जरी सफल हुई।मरीज के पैर का बोर्न गल चुका था उसको हटा कर बोर्न ट्रांसप्लांट किया गया।अब मरीज पहले की भांति अपने पैरों पर चल सकेगा।
सर्जरी होने के बाद मरीज व उनके परिजनों ने डॉ हिमांशु खुटिया का आभार व्यक्त किया और उन्हें भगवान का दर्जा देते हुए उनके पैर छूकर प्रणाम किया।इसमें कोई दो रॉय नही है कि डॉ. हिमांशु खुटिया भगवान से कम है।इन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में ऐसी ऐसी सर्जरिया की है जो संभव नही थी,लेकिन इन्होंने संभव कर दिखाया है।डॉ. हिमांशु खुटिया डॉक्टर ही नही बल्कि मानवता की एक बड़ी मिसाल है।ये कैंसर पीड़ित मरीज की सर्जरी के लिए अपने खर्च से 2 बार रायपुर गए औऱ उनकी सफल सर्जरी की,इसके लिए इन्होंने कोई चार्ज या कोई खर्च नही लिया।इतना ही नही कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र पहुचने वाले कई मरीजो के गरीब परिवारों को इन्होंने बड़ी राहत देते हुए उनके दवाइयों का खर्च भी उठाया है।कई मरीजो की सर्जरी में भी इन्होंने स्वयं खर्च कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया है।आज के दौर में ऐसे डॉक्टर्स मिल जाना मतलब साक्षात भगवान का दर्शन करना है।डॉ. हिमांशु खुटिया को वर्ड लेवल का डॉक्टर भी कहा जाता है, इन्होंने बड़ी बड़ी सर्जरिया कर अनेको मरीजो को नया जीवन प्रदान किया है।
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