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: निर्दलीय अध्यक्ष प्रत्याशी कोमल जायसवाल भारी पड़ेंगे..? राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों के मुकाबले इनकी है मजबूत पकड़..!

Shubh Arvind Sharma

Tue, Feb 4, 2025
निर्दलीय अध्यक्ष प्रत्याशी कोमल जायसवाल भारी पड़ेंगे..? राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों के मुकाबले इनकी है मजबूत पकड़..! कटघोरा:कांग्रेस पार्टी से टिकट नही मिलने से क्षुब्ध होकर बगावती निर्दलीय प्रत्याशी कोमल जायसवाल का कटघोरा में बड़ा वर्चस्व स्थापित है।ये राष्ट्रीय दलों के उम्मीदवारों पर भारी पड़ सकते हैं।कांग्रेस के प्रबल दावेदार थे कोमल जायसवाल, इन्हें टिकट न देकर कांग्रेस कहीं निपट ना जाये..? ऐसा हम नही कह रहे हैं ये नगर में चर्चा का विषय है।हालांकि कांग्रेस का चुनावी दावेदार को कम नही आंका जा रहा है,इनके समर्थन में पूरा कांग्रेसी कुनबा पूरी ताकत के साथ जुटा हुआ है।कोमल जायसवाल का पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ना कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति भी मानी जा रही है।सूत्र बताते हैं कि निर्दलीय प्रत्याशी कोमल जायसवाल का चुनाव लड़ना कांग्रेस प्रत्याशी को हराना है। इसमे कोई दो रॉय नही है कि निर्दलीय प्रत्याशी कोमल जायसवाल भाजपा के उम्मीदवार आत्मा नारायण पटेल पर भी भारी पड़ेंगे।कोमल जायसवाल के समर्थन में कलार समाज ही नही वरन इनको अन्य समुदायों का भी बड़ा समर्थन है। एक व्यापारी होने के नाते लोगो से इनका मित्रवत व्यवहार है।जिस कारण इनकी लोकप्रियता पूरे नगर में सुमार है।हालांकि पार्टी ने इनको उम्मीदवार तय नही किया लेकिन ये निर्दलीय तौर पर भी किसी से कम नही है।इनके पास कार्यकर्ताओ की बड़ी फ़ौज है जो निरंतर इनके लिए घंटो कार्य कर रहे हैं।2025 के नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशियो को प्रचार प्रसार हेतु बेहद कम समय प्राप्त हुआ है ऐसे में उम्मीदवारों के कार्यकरता ही इनकी नैया पार करा सकेंगे।वही कोमल जायसवाल के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा व ईमानदारी से समर्पित है। जानकारों की माने तो तीनों प्रत्याशियों को कम नही आंका जा रहा है।मुकाबला त्रिकोणीय स्थिति बया कर रहा है।कांग्रेस प्रत्याशी राज जायसवाल के लिए निर्दलीय प्रत्याशी कोमल जायसवाल का चुनाव लड़ना बड़ा नुकसान प्रतीत होता है।ऐसे में भाजपा प्रत्याशी को इसका बड़ा लाभ मिल सकता है।कोढ़ में खाज यह है कि राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियो को लेकर इनके कुनबो में भीतर घात भी जारी है।दोनों ही पार्टियों में प्रत्याशी को लेकर अंदरूनी कलह किसी से छुपी नहीं है, हालांकि इनका कुनबा अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन में जरूर जुटा है।ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी को बड़ा लाभ मिल सकता है, नगर में चर्चा है कि निर्दलीय प्रत्याशी का पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ना कांग्रेस प्रत्याशी को नुकसान पहुचाना है।अब जनता का क्या निर्णय है यह तो मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा।बहरहाल इस बार का चुनाव घमासान होने के साथ रोमांचक भी है।

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