Sunday 23rd of August 2026

ब्रेकिंग

लेकिन कटघोरा-पोड़ी में 'विभीषणों' से निपटने की बड़ी चुनौती

नलों से उगल रहा मटमैला पानी, जनता को बीमार कर सोया प्रशासन!

मूल निवासी किसान संघ को थमाया 'झुनझुना', अमरपुर गौठान के नाम पर सिर्फ आंख में धूल झोंकने का खेल!

क्षेत्रीय नगरीय प्रशासन संयुक्त संचालक (Joint Director) कार्यालय की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

नगर पालिका के ‘कांग्रेसी राज’ में घोटालों ने बढ़ाई किरकिरी; प्रशासन मौन!

सुचना

Welcome to the Sharma News, for Advertisement call +91-7879549029

कटघोरा नगर पालिका की घोर लापरवाही: : नलों से उगल रहा मटमैला पानी, जनता को बीमार कर सोया प्रशासन!

Shubh Arvind Sharma

Sun, Aug 23, 2026

कटघोरा नगर पालिका की घोर लापरवाही: नलों से उगल रहा मटमैला पानी, जनता को बीमार कर सोया प्रशासन!

कटघोरा। कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र में इन दिनों पेयजल संकट गहरा गया है। नगर पालिका द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी पीने तो दूर, किसी भी घरेलू काम के लायक नहीं रह गया है। नलों से लगातार मटमैला और अत्यधिक फिटकरी युक्त गंदा पानी आ रहा है। नगर पालिका की इस बड़ी लापरवाही ने पूरे शहर को बीमारियों के खतरे में डाल दिया है। प्रशासन की इस नाकामी के खिलाफ अब स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

मुख्य समस्याएं और जनता की परेशानी

* गंदा और मटमैला पानी: नलों से आ रहा पानी पूरी तरह भूरा और मिट्टी युक्त है, जिसे छूने से भी लोग कतरा रहे हैं।

* फिटकरी की अत्यधिक मात्रा: वॉटर ट्रीटमेंट के नाम पर पानी में भारी मात्रा में फिटकरी मिला दी गई है, जिससे इसका स्वाद और गंध बेहद खराब हो चुकी है।

* घरेलू काम ठप: इस पानी से न तो खाना पकाया जा सकता है और न ही कपड़े-बर्तन धोए जा रहे हैं।

* बीमारियों का खतरा: दूषित पानी के सेवन से शहर में डायरिया, पेट दर्द, उल्टी और त्वचा संबंधी संक्रमण तेजी से फैल रहे हैं।

टेंडर के बावजूद बदहाली, लाखों रुपये फूंकने की तैयारी

दिलचस्प बात यह है कि नगर पालिका परिषद कटघोरा द्वारा हाल ही में जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और शुद्धिकरण के लिए लाखों रुपये के कई टेंडर (ई-प्रोक्योरमेंट निविदा) जारी किए गए हैं। इसमें वार्ड क्रमांक 01 से 15 के बोरवेल में क्लोरीनीकरण कार्य (अनुमानित लागत 31.26 लाख रुपये, सिस्टम टेंडर नंबर 164565) और एच.पी. के ऊपर बोरवेल में क्लोरीनीकरण कार्य (अनुमानित लागत 26.07 लाख रुपये, सिस्टम टेंडर नंबर 164609) के साथ-साथ विभिन्न वार्डों में पाइप लाइन विस्तार के कार्य शामिल हैं। लाखों रुपये के इन सरकारी कागजी दावों के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। जनता को आज भी मटमैला और केमिकल युक्त पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।

वीआईपी कल्चर में डूबे अफसर: फोन उठाना भी लाज़मी नहीं समझते सीएमओ!

एक तरफ शहर की जनता बूंद-बूंद साफ पानी के लिए तरस रही है, बीमारियों की शिकार हो रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ चुके हैं। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर जब भी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को फोन लगाया जाता है, तो वे फोन उठाना भी लाज़मी नहीं समझते। जनता की समस्याओं से बेखबर अफसरशाही का यह अड़ियल रवैया बेहद शर्मनाक है, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।

नागरिकों की चेतावनी: पानी नहीं तो टैक्स नहीं, अब सीधे आंदोलन की तैयारी

पीड़ित नागरिकों का धैर्य अब पूरी तरह जवाब दे चुका है। वार्डवासियों ने दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम दिया है कि यदि बिना किसी देरी के तुरंत शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो पूरे शहर की जनता सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी। नागरिकों ने साफ कहा है कि जब तक साफ पानी नहीं मिलेगा, तब तक नगर पालिका को किसी भी प्रकार का जल टैक्स नहीं दिया जाएगा।

Tags :

कोरबा कटघोरा

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें