न्याय के लिए पीड़ित पुलिस की चौखट पर,, : पुलिस एक दूसरे का मुंह ताकने को मजबूर..! आखिर फरियादी कहा लगाए गुहार.?
Shubh Arvind Sharma
Thu, May 7, 2026
न्याय के लिए पीड़ित पुलिस की चौखट पर,,पुलिस एक दूसरे का मुंह ताकने को मजबूर..! आखिर फरियादी कहा लगाए गुहार.?
कोरबा/कटघोरा:-एक ऐसा कथित मामला जो पुलिस के लिए गले की हड्डी साबित हो रहा है, इस मामले ने पुलिस की नींद उड़ा दी है।आखिर पुलिस करे तो क्या करे, ''एक तरफ कुआ,एक तरफ खाई" जैसी स्थिति निर्मित है।दोनों पक्ष न्याय के लिए गुहार लगा रहे,वही पुलिस अपना सिर पीटने को मजबूर हैं, मानो पुलिस को शनि की साढ़े साती की महादशा ने घेर लिया हो।आखिर पुलिस कार्यवाही करने से क्यो बच रही.?

यह मामला अपने आप मे बेहद संवेदनशील होने के साथ आपराधिक मोड़ पर है।दरअसल दोनों पक्षों की सुनवाई नही होने के कारण पथभ्रष्ट है।हालांकि इन्हें प्रशासन ने कोर्ट का रास्ता दिखाया है।
एक पक्ष अपनी हठधर्मिता में इस कदर चूर है कि,न तो उसे स्वयं की चिंता है, और न ही किसी अपराध की.? यह किसी भी हद तक जा सकता है,इस पक्ष की मंशा क्या है? यह स्पष्ट नही है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है मानो इसके पीछे कथित षड्यंत्र कारियो का कोई बड़ा मनसूबा तैयार है,जो यह गर्भावस्था में भी ऐसे कदम उठा रही जो योग्य नही है।
वही दूसरा पक्ष अपनी जान माल की रक्षा में रात दिन हैरत में है, इन्हें डर सता रहा कही पहला पक्ष उनके साथ कोई अनहोनी ना कर दे।ये पक्ष पुलिस के आगे सरणागत है लेकिन कार्यवाही के अभाव में व्यथित है आंसू बहाने को मजबूर हैं।हाल ही में पहले पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर का ताला और कैमरा तोड़ दिया जो अपराध की श्रेणी में माना जाता है,वही पीड़ित पक्ष अपनी शिकायत लेकर थाना के चौपट पर माथा पीट रहा है और पुलिस एक दूसरे का मुँह ताकने को मजबूर हैं।आखिर पुलिस कार्यवाही क्यो नही कर रही.?
ये पूरा माजरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।दरअसल एक गर्भवती महिला शादी होने का हवाला देकर घर मे घुस गई है,औऱ घर खाली करने का नाम नही ले रही है।वही घर मालिक कथित महिला के घर मे दाखिल होने से हक्का बक्का हैं।ये महिला कौन है और कैसे हमारे घर मे जबरदस्ती घुस गई है.! ये सोच सोच कर मकान मालिक के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच आई है।"करे कोई,भरे कोई" वाली स्थिति बनी हुई है।
ये पूरा माजरा क्या है यह तो फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नही है लेकिन कथित तौर पर कई तरह के व्यंग चरितार्थ है।बड़ी बात यह है कि पूरा माजरा पुलिस के संज्ञान में है, लेकिन पुलिस इस मामले से बचती नजर आ रही है,दोनों पक्षों की शिकायतो पर सुनवाई क्यो नही हो रही.? ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन को कोई बड़ी घटना का इंतजार है।हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षों को कोर्ट का रास्ता दिखाया है।

पीड़ित पक्ष ने खटखटाया एसपी का दरवाजा...
सुनवाई नही होने के कारण पीड़ित पक्ष ने एसपी का दरवाजा खटखटाया है, जहाँ देर शाम पीड़ित पक्ष रोता बिलखता कोरबा पहुँचा है, पीड़ित पक्ष ने एडिशनल एसपी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है।जहां पीड़ित पक्ष को न्याय का आश्वासन दिया गया है।
Tags :
sharma news
विज्ञापन
विज्ञापन