भव्या हत्याकांड: : मुख्य आरोपी पुलिस रिमांड के बाद जेल दाखिल; विभिन्न संगठनों ने की फाँसी और कड़ी कार्रवाई की मांग
Shubh Arvind Sharma
Fri, Oct 23, 2026
भव्या हत्याकांड: मुख्य आरोपी पुलिस रिमांड के बाद जेल दाखिल; विभिन्न संगठनों ने की फाँसी और कड़ी कार्रवाई की मांग
विशेष संवाददाता, रजगामार (कोरबा)
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के अंतर्गत आने वाले रजगामार क्षेत्र में पिछले दिनों हुए दिल दहला देने वाले 7 वर्षीय मासूम बच्ची भव्या जोशी हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिलने के बाद, गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल दाखिल कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, इस जघन्य अपराध को लेकर स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

बांगो के जंगलों से दबोचा गया था आरोपी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सक्ती जिले के ग्राम फगुरम निवासी प्रकाश जोशी पिछले कुछ महीनों से अपने बच्चों के साथ रजगामार स्थित एक पोल्ट्री फार्म में रहकर काम कर रहे थे। 19 अक्टूबर को उनकी 7 वर्षीय बेटी भव्या रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। तीन दिनों की सघन तलाश के बाद, 22 अक्टूबर को बच्ची का लहुलुहान शव पोल्ट्री फार्म के पीछे नाले के किनारे जंगल में बरामद हुआ था।
घटना के बाद से ही फरार चल रहे मुख्य संदेही अमित चौहान को पुलिस की विशेष टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटनास्थल से करीब 60 किलोमीटर दूर बांगो के जंगलों से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था।
कोर्ट परिसर में फूटा वकीलों का गुस्सा, आरोपी की कर दी धुनाई
पुलिस की टीम जब आरोपी अमित चौहान को रिमांड खत्म होने के बाद कड़े सुरक्षा घेरे में कोर्ट लेकर पहुँची, तो वहाँ भारी हंगामा खड़ा हो गया। मासूम बच्ची के साथ हुई इस नृशंसता को लेकर कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं का गुस्सा आरोपी को देखकर पूरी तरह से फूट पड़ा। जैसे ही पुलिस उसे गाड़ी से उतारकर आगे बढ़ी, आक्रोशित वकीलों ने आरोपी पर हमला बोल दिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी। कोर्ट परिसर में अचानक हुई इस घटना से अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बीच-बचाव करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को छुड़ाया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

चौकी घेराव और फाँसी की मांग: संगठनों में भारी आक्रोश
मासूम भव्या की नृशंस हत्या की खबर फैलते ही रजगामार और आसपास के इलाकों में तनाव और शोक का माहौल है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक एवं छात्र संगठनों ने रजगामार पुलिस चौकी का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने पुलिस व प्रशासन से मांग की है कि:
• फाँसी की सजा: आरोपी अमित चौहान के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर उसे जल्द से जल्द फाँसी की सजा दिलाई जाए।
• कड़ी से कड़ी कार्रवाई: मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए और साक्ष्यों को इतनी मजबूती से पेश किया जाए कि अपराधी को कानूनन सबसे कठोरतम दंड मिले।
• पीड़ित परिवार को सुरक्षा व मुआवजा: पीड़ित परिवार बेहद गरीब है, इसलिए शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें आर्थिक सहायता और सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

पुलिस प्रशासन का आश्वासन
प्रदर्शनकारियों और संगठनों के भारी आक्रोश को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी व अन्य) ने सूझबूझ से काम लिया और ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि कोर्ट में मामला पूरी मजबूती से टिक सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की जांच त्वरित गति से पूरी कर चालान जल्द से जल्द पेश किया जाएगा, जिससे पीड़ित परिवार को अविलंब न्याय मिल सके।
Tags :
कोरबा कटघोरा
विज्ञापन
विज्ञापन