खाकी की मुस्तैदी और डॉग 'बाघा' का सटीक निशाना: : कोरबा भव्या हत्याकांड का कातिल दबोचा गया, पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी!
Shubh Arvind Sharma
Fri, Oct 23, 2026
खाकी की मुस्तैदी और डॉग 'बाघा' का सटीक निशाना: कोरबा भव्या हत्याकांड का कातिल दबोचा गया, पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी!
कोरबा/रजगामार। रजगामार इलाके से 19 अक्टूबर को लापता हुई 7 वर्षीय मासूम भव्या जोशी हत्याकांड के नराधम कातिल को कोरबा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। चुनौतियां बेहद कठिन थीं, लेकिन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमों ने रात-दिन एक कर न केवल आरोपी को बेनकाब किया, बल्कि उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। मासूम के साथ हुई इस बर्बरता ने जहां पूरी इंसानियत को झकझोर दिया, वहीं जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं। बावजूद इसके, पुलिस ने बिना वक्त गंवाए पूरी ताकत झोंकी और 24 घंटे के भीतर आरोपी को दबोच लिया।

संकटमोचक बना पुलिस डॉग 'बाघा', कातिल के सीधे घर तक जा पहुंचा
इस पूरे अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस के खोजी डॉग 'बाघा' ने कमाल की भूमिका निभाई। गुरुवार को जब मरघट की झाड़ियों में मासूम का शव अर्धनग्न अवस्था में बरामद हुआ, तो पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, एएसपी लखन पटले, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, थाना प्रभारी युवराज तिवारी और चौकी प्रभारी विनोद सिंह दल-बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर डट गए।
घटनास्थल से मिले सुरागों को सूंघते हुए जांबाज डॉग 'बाघा' ने कातिल का पीछा करना शुरू किया। बाघा सीधे रावणभाठा (रजगामार) स्थित एक संदिग्ध मकान के भीतर जा घुसा। उस वक्त घर में केवल एक महिला मौजूद थी, जबकि संदिग्ध वहां से फरार था। बाघा के इस अचूक और सटीक इनपुट ने पुलिस को जीत की चाबी दे दी।
चक्रव्यूह रचकर नराधम को दबोचा, मनोवैज्ञानिक पूछताछ में कबूला गुनाह
बाघा से मिले पुख्ता संकेत के बाद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत अपनी रणनीति बदली और फरार संदेही को घेरने के लिए जाल बिछाया। पुलिस की मुस्तैद टीमों ने त्वरित घेराबंदी करते हुए आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान (42 वर्ष) को हिरासत में ले लिया। पुलिस के कड़े और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के चक्रव्यूह के आगे कातिल ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी गला दबाकर बेरहमी से हत्या करने का अपना घिनौना गुनाह कबूल कर लिया।

हवस का दरिंदा: दो शादियां और रजगामार में छिपी थी नीचता
पुलिस जांच में आरोपी के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान मूल रूप से सेक्टर-5 बालको नगर का निवासी है, जहां उसकी पहली पत्नी रहती है। उसने रजगामार के रावणभाठा मोहल्ले में एक दूसरी महिला को भी पत्नी बनाकर रखा था, जिससे मिलने वह अक्सर आता रहता था। घटना के दिन (19 अक्टूबर) भी वह अपनी दूसरी पत्नी के पास आया हुआ था। इसी दौरान रास्ते में अकेली जा रही मासूम भव्या को देखकर उसकी नीयत बिगड़ गई और उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

खाकी की संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम
19 अक्टूबर से जब बच्ची गायब हुई थी, पुलिस तभी से कैंप लगाकर और घने जंगलों, झाड़ियों व नदी-नालों को छानते हुए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी। हालांकि पुलिस भव्या को जीवित तो न बचा सकी, लेकिन कातिल को सजा दिलाने के लिए पुलिस टीम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। अपराधियों में खौफ पैदा करने वाली कोरबा पुलिस की इस त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है। पुलिस टीम की इस बेजोड़ मेहनत और सूझबूझ से सुलझे इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम का आज पुलिस अधिकारियों द्वारा विधिवत खुलासा किया जाएगा, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां इस नराधम को उसके किए की सख्त सजा मिलना तय है।
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कोरबा कटघोरा
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