कटघोरा में अटल चौक पर कांग्रेस का सियासी ड्रामा फुस्स, : 32 घंटे में समेटना पड़ा बोरिया-बिस्तर; भाजपा बोली— 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे'
Shubh Arvind Sharma
Sat, Aug 1, 2026
कटघोरा में अटल चौक पर कांग्रेस का सियासी ड्रामा फुस्स, 32 घंटे में समेटना पड़ा बोरिया-बिस्तर; भाजपा बोली— 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे'
कटघोरा। कटघोरा के ऐतिहासिक अटल चौक पर तथाकथित अपमान का झूठा ढिंढोरा पीटकर सियासी रोटियां सेकने उतरी कांग्रेस की कलई पूरी तरह खुल गई है। जनता की आंखों में धूल झोंकने के इरादे से शुरू हुआ कांग्रेस का 'अनिश्चितकालीन धरना' मात्र 32 घंटे में ही औंधे मुंह गिर गया। 'घर में नहीं दाने, अम्मा चलीं भुनाने' की तर्ज पर बिना जनसमर्थन के हवा में तीर चला रही कांग्रेस को अपनी थू-थू होते देख उल्टे पांव भागना पड़ा और शनिवार को धरना स्थल से टेंट उखड़ गए।इस फ्लॉप शो पर भाजपा ने करारा तंज कसते हुए कहा कि यह कांग्रेस की कुत्सित और गंदी राजनीति का जीवंत उदाहरण है। 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' की स्थिति में आई कांग्रेस अब अपनी नाकामी छुपाने के रास्ते ढूंढ रही है।

जब भाजपा खुद अड़ी निष्पक्ष जांच पर, तो कांग्रेस की राजनीतिक दुकान पर लगा ताला
इस पूरे मामले का सबसे बड़ा पहलू यह है कि अटल परिसर और मूर्ति निर्माण में हुई तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर भाजपा संगठन खुद पहले दिन से सख्त और आक्रामक है। भाजपा नेताओं ने इस मामले में किसी भी प्रकार की लीपापोती को खारिज करते हुए निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और कठोर कार्रवाई की पुरजोर मांग की है।
भाजपा नेताओं का साफ कहना है कि श्रद्धेय अटल जी के नाम पर न तो भ्रष्टाचार बर्दाश्त किया जाएगा और न ही किसी दोषी को बख्शा जाएगा। जब भाजपा ने खुद आगे बढ़कर प्रशासन से दूध का दूध और पानी का पानी करने की मांग की, तो कांग्रेस के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। मुद्दा छिन जाने के कारण ही कांग्रेसी नेताओं को 32 घंटे के भीतर ही अपना तंबू उखाड़ना पड़ा।
भाजपा का तीखा हमला: "सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली"
भाजपा के स्थानीय नेतृत्व ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उसकी राजनीति की धज्जियां उड़ा दी हैं:
ढोंग का पर्दाफाश: जिन लोगों ने ताउम्र महापुरुषों का अपमान किया, वे आज सम्मान का झूठा स्वांग रच रहे हैं। इसे कहते हैं 'सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली'।
डूबते को तिनके का सहारा: कांग्रेस के पास क्षेत्र में कोई वास्तविक जनमुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह महापुरुषों के नाम पर राजनीति का गंदा खेल खेल रही है।
करारा तमाचा: कटघोरा की समझदार जनता ने कांग्रेसी ड्रामे को सिरे से नकार कर उनके मुंह पर करारा तमाचा जड़ा है।

कांग्रेस दिग्गजों की चेतावनी: 'यह अंत नहीं, शुरुआत है... कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन'
धरना स्थल से भले ही तंबू उखड़ गए हों, लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने इस पूरे मामले पर प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए साफ किया है कि यह आंदोलन का अंत नहीं बल्कि शुरुआत है। कांग्रेसी दिग्गजों का कहना है कि वर्तमान में इस धरने को केवल 'अल्पविराम' दिया जा रहा है। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाना बंद नहीं किया गया और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) समेत महा-घोटाले के असली गुनहगारों व ठेकेदार पर तत्काल कड़ी और दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में कांग्रेस पूरे क्षेत्र में एक वृहद और उग्र जन-आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
गिरगिट की तरह रंग बदल रही कांग्रेस
स्थानीय प्रबुद्ध जनों और भाजपा का कहना है कि विकास कार्यों में रोड़ा अटकाना और हर बात पर सियासत चमकाना कांग्रेस की पुरानी फितरत रही है। सौंदर्यीकरण के कार्यों को राजनीतिक रंग देकर सुर्खियां बटोरने की कांग्रेसी कोशिश पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रशासन के सख्त रुख, भाजपा की सजगता और जनता के ठंडे रिस्पॉन्स ने कांग्रेस के इस कथित आंदोलन की हवा निकाल दी है।
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