कटघोरा सरकारी अस्पताल में जटिल ऑपरेशन सफल: : डॉ. हिमांशु खुटिया ने सिकल सेल व हार्ड की समस्या से पीड़ित मरीज का किया सफल हिप रिप्लेसमेंट
Shubh Arvind Sharma
Mon, Jul 27, 2026
कटघोरा सरकारी अस्पताल में जटिल ऑपरेशन सफल: डॉ. हिमांशु खुटिया ने सिकल सेल व हार्ड की समस्या से पीड़ित मरीज का किया सफल हिप रिप्लेसमेंट
कटघोरा, 27 जुलाई 2026:कटघोरा के सरकारी अस्पताल (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी और चुनौतीपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट) डॉ. हिमांशु खुटिया और उनकी मेडिकल टीम ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत महेशपुर निवासी 32 वर्षीय मरीज राजेंद्र कुमार की बिना लागत (free of cast) के बेहद जटिल हिप रिप्लेसमेंट (कूल्हा प्रत्यारोपण) सफलतापूर्वक संपन्न किया है।

सिकल सेल एनीमिया के कारण चुनौती थी बड़ी, डॉक्टर को करना पड़ा कड़ा संघर्ष
महेशपुर के रहने वाले राजेंद्र कुमार (32 वर्ष) पिछले लंबे समय से कूल्हे के असहनीय दर्द से जूझ रहे थे। उनकी स्थिति तब और गंभीर हो गई जब जांच में पाया गया कि वे सिकल सेल एनीमिया (खून की आनुवंशिक बीमारी) से भी पीड़ित हैं। सिकल सेल के मरीजों में सर्जरी के दौरान खून का थक्का जमने, ऑक्सीजन की कमी और संक्रमण (इन्फेक्शन) होने का खतरा सामान्य मरीजों से कई गुना ज्यादा होता है तथा मरीज को हार्ड की समस्या भी थी, इस गंभीर स्थिति के कारण सर्जरी बेहद जोखिम भरी थी और ऑर्थो स्पेशलिस्ट डॉ. हिमांशु खुटिया व उनकी टीम को ऑपरेशन टेबल पर काफी कड़ा संघर्ष और सूझबूझ का परिचय देना पड़ा।

17 जुलाई को हुए थे भर्ती, आज अपने पैरों पर खड़े हैं राजेंद्र
राजेंद्र कुमार को गंभीर हालत में 17 जुलाई को कटघोरा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉ. हिमांशु खुटिया ने अत्याधुनिक 'हिप रिप्लेसमेंट'' तकनीक का इस्तेमाल कर इस नामुमकिन से दिखने वाले ऑपरेशन को मुमकिन कर दिखाया। इस तकनीक की वजह से जोखिम के बावजूद सर्जरी के दौरान बेहद कम खून बहा। डॉक्टरों के कड़े संघर्ष और कुशल इलाज का ही नतीजा है कि ठीक होने के बाद राजेंद्र कुमार आज अपने पैरों पर खड़े हो चुके हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं।

ईलाज के लिए काटे कई बड़े अस्पतालों के चक्कर,पैसों के अभाव में नही करा पाया इलाज
राजेन्द्र पिछले पांच सालों से हिप के दर्द की असहनीय पीड़ा झेल रहा था, इस दौरान इसने ईलाज के लिए बड़े बड़े अस्पतालों का चक्कर काटा,लेकिन पैसों के अभाव इलाज करा पाने में असमर्थ रहा।दरअसल ऐसी सर्जरियों के लिए लाखों रुपये का खर्च आता है, जिसे आम आदमी आसानी से वहन कर पाने में सक्षम नही होता।इस बीच राजेन्द्र को किसी सज्जन ने कटघोरा अस्पताल में पदस्थ डॉ हिमांशु खुटिया के विषय मे जानकारी दी,फिर राजेन्द्र बिना देर किए डॉक्टर खुटिया से मिला और उचित परामर्श के साथ इलाज की प्रक्रिया सम्पन्न हुई।

गरीबों के लिए वरदान बनी आयुष्मान योजना, परिजनों ने जताया आभार
निजी अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च होने वाली इस जटिल और खर्चीली सर्जरी को आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह मुफ्त किया गया। सफल ऑपरेशन और मरीज को दोबारा अपने पैरों पर चलता देख राजेंद्र कुमार और उनके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने डॉ. हिमांशु खुटिया और अस्पताल प्रबंधन का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की संवेदनशीलता के कारण ही आज राजेंद्र को यह नया जीवन मिला है। इस बड़ी सफलता पर क्षेत्र के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी पूरी मेडिकल टीम की सराहना की है।

दूर-दूर से आते हैं निराश मरीज, डॉ हिमांशु ने पहले भी किए हैं कई बड़े ऑपरेशन
कटघोरा अस्पताल में पदस्थ ऑर्थो स्पेशलिस्ट डॉ. हिमांशु खुटिया क्षेत्र के मरीजों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं। उन्होंने पूर्व में भी कई ऐसे बड़े और बेहद जटिल ऑपरेशन किए हैं, जिन्हें अन्य जगहों पर डॉक्टरों ने बहुत जोखिम भरा बताया था। यही कारण है कि आज दूर-दूर के इलाकों से निराश हो चुके मरीज इलाज और सही परामर्श के लिए विशेष रूप से डॉ. खुटिया के पास आते हैं। उनकी विशेषज्ञता, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सरकारी अस्पताल में भी कॉर्पोरेट जैसी चिकित्सा सुविधाएं देने की उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।
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