कटघोरा:13.60 लाख की 'ब्रॉन्ज' प्रतिमा निकली कंक्रीट का ढांचा; : भ्रष्टाचार पर CMO और अध्यक्ष ने साधी चुप्पी, नहीं उठाया फोन
Shubh Arvind Sharma
Tue, Jul 28, 2026
कटघोरा:13.60 लाख की 'ब्रॉन्ज' प्रतिमा निकली कंक्रीट का ढांचा; भ्रष्टाचार पर CMO और अध्यक्ष ने साधी चुप्पी, नहीं उठाया फोन
कटघोरा। नगर के मुख्य चौक पर स्थापित भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा निर्माण में 13 लाख 60 हजार रुपये का एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। सरकारी खजाने से 13,60,000 रुपये की भारी-भरकम राशि शुद्ध कांस्य (ब्रॉन्ज) की मूर्ति के नाम पर स्वीकृत की गई थी। लेकिन धरातल पर जो सच सामने आया है, उसने नगर पालिका के दावों की कलई खोलकर रख दी है। लाखों रुपये की यह ब्रॉन्ज प्रतिमा असल में कंक्रीट और सीमेंट का ढांचा निकली, जिस पर सिर्फ ब्रॉन्ज कलर का पेंट पोत दिया गया था।

13.60 लाख की राशि डकार गए जिम्मेदार:
विशेषज्ञों के अनुसार, कंक्रीट की मूर्ति बेहद कम लागत में तैयार हो जाती है। ऐसे में ब्रॉन्ज मूर्ति के नाम पर 13.60 लाख रुपये का बिल पास कराना सीधे तौर पर जनता के पैसों की खुली डकैती है। प्रतिमा की ऊपरी परत उखड़ने के बाद जब अंदर का सीमेंट-कंक्रीट दिखने लगा, तब जाकर इस सुनियोजित भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ हुआ।

ऐसे सामने आया सच:
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाल ही में प्रतिमा के एक हिस्से पर आई खरोंच या मौसम के प्रभाव के कारण ऊपरी रंग की परत उखड़ गई। जब अंदर का हिस्सा दिखाई दिया, तो लोग दंग रह गए। धातु की जगह अंदर से कंक्रीट और सीमेंट साफ नजर आ रहा है। इस खुलासे के बाद से ही पूरे कटघोरा क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की सांठगांठ को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं

फोन नही उठाये सीएमओ और अध्यक्ष:
इस सनसनीखेज भ्रष्टाचार और महापुरुष के अपमान पर जब कटघोरा नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और नगर पालिका अध्यक्ष से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो दोनों ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। फोन करने के बाद भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी का इस तरह दूरी बना लेना यह साफ दर्शाता है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।
घोटालेबाज़ों में हड़कंप:सवाल सुनते ही ठेकेदार ने काटा फोन, इंजीनियर भी हुए भूमिगत
13.60 लाख रुपये के इस महाघोटाले पर जब सच्चाई जानने के लिए संबंधित ठेकेदार से फोन पर संपर्क किया, तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। ठेकेदार पहले तो गोलमोल जवाब देता रहा और जब तीखे सवाल पूछे गए तो फोन काट दिया। वहीं, इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच करने और सर्टिफिकेट देने वाले सब-इंजीनियर (Sub-Engineer) ने भी फोन उठाना बंद कर दिया है।नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ (CMO), इंजीनियर और ठेकेदार... चारों मुख्य किरदारों का इस तरह फोन न उठाना और भागना यह साबित करता है कि कंक्रीट की इस मूर्ति के पीछे एक बहुत बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर सरकारी खजाने को चूना लगाया है।

जनता में आक्रोश, जांच की मांग:
13.60 लाख रुपये के इस घोटाले को लेकर कटघोरा की जनता और स्थानीय संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर इस तरह की बंदरबांट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में सीधे तौर पर टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति देने वाले सब-इंजीनियर और भुगतान करने वाले अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए।
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