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भीषण गर्मी में तड़प रहे मरीज, कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र बना “यातना गृह” : करोड़ों की बिल्डिंग लेकिन सुविधाएं शून्य, बिजली गुल होते ही भगवान भरोसे मरीजों की जिंदगी

Shubh Arvind Sharma

Mon, Jun 8, 2026

भीषण गर्मी में तड़प रहे मरीज, कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र बना “यातना गृह”

करोड़ों की बिल्डिंग लेकिन सुविधाएं शून्य, बिजली गुल होते ही भगवान भरोसे मरीजों की जिंदगी

कटघोरा। करोड़ों रुपये की लागत से बना कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र आज खुद “बीमार” नजर आ रहा है। भीषण गर्मी के बीच यहां इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों की हालत ऐसी हो रही है मानो अस्पताल नहीं बल्कि किसी यातना गृह में भर्ती कर दिए गए हों। अस्पताल की बदहाल व्यवस्था ने स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने जो खुलासे किए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। वार्डों में न ढंग के पंखे हैं, न कूलर, और न ही मरीजों के लिए कोई मूलभूत सुविधा। कई बेडों पर चद्दर तक नहीं बिछाई जाती। मरीज गर्मी से कराहते रहते हैं लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।

रात होते ही अंधेरे और गर्मी में “संघर्ष”

मरीजों का कहना है कि रात के समय बिजली गुल हो जाना यहां आम बात है। हालत इतनी खराब है कि अस्पताल में मौजूद जनरेटर भी जरूरत के समय बंद पड़ा रहता है। भीषण उमस और अंधेरे में मरीज पूरी रात तड़पने को मजबूर हो जाते हैं।

एक भर्ती मरीज ने बताया —

“रात में बिजली चली जाती है तो सांस लेना मुश्किल हो जाता है। कूलर शोपीस की तरह पड़े हैं, उनमें महीनों से पानी तक नहीं डाला गया। कई मरीज गर्मी से पूरी रात कराहते रहते हैं।”

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर बिजली गुल होने के दौरान कोई गंभीर इमरजेंसी मरीज आ जाए तो उसकी जान की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?

अस्पताल में असामाजिक तत्वों का डेरा !

कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ अव्यवस्था का शिकार नहीं है, बल्कि यहां मरीजों की सुरक्षा भी भगवान भरोसे है। मरीजों का आरोप है कि रात के समय असामाजिक तत्व अस्पताल परिसर में घुस जाते हैं, जिससे मरीज और उनके परिजन दहशत में रहते हैं।

सूत्रों के अनुसार कुछ दिनों पहले एक मरीज का मोबाइल भी चोरी हो गया था। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था नाम मात्र की होने से मरीज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

करोड़ों खर्च… फिर भी बदहाल व्यवस्था

सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। करोड़ों की इमारत होने के बावजूद यहां मरीजों को न सम्मानजनक इलाज मिल रहा है और न ही बुनियादी सुविधाएं।पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री ने भी निरीक्षण के दौरान सभी मरीज वार्डो में एसी लगवाने का वादा किया था,मंत्री का वो वादा भी हवा हवाई साबित हुआ।एसी तो बहुत दूर की बात है यहां तो कूलर तक ढंग से काम नही कर रहे हैं।

अब बड़ा सवाल यही है—

क्या कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र कभी मरीजों को बेहतर सुविधा दे पाएगा, या फिर मरीज यूं ही गर्मी, अव्यवस्था और लापरवाही के बीच तड़पते रहेंगे?

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