मेटल की जगह लगा दी सीमेंट-कंक्रीट की मूर्ति! : पहली ही बारिश में धुल गए अटल जी; छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का बड़ा धमाका, सीधे PM को भेजा पत्र
Shubh Arvind Sharma
Tue, Aug 4, 2026
मेटल की जगह लगा दी सीमेंट-कंक्रीट की मूर्ति! पहली ही बारिश में धुल गए अटल जी; छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का बड़ा धमाका, सीधे PM को भेजा पत्र

कोरबा/रायपुर। छत्तीसगढ़ में महापुरुषों के सम्मान और जनता के पैसों पर डाका डालने का एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। "अटल परिसर" योजना के तहत करोड़ों की लागत से प्रदेशभर में लग रही भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमाओं के निर्माण में महा-भ्रष्टाचार का खेल उजागर हुआ है। इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर अब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन ने कोरबा कलेक्टर दफ्तर का घेराव कर सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक तीखा शिकायत पत्र (पत्र क्रमांक: CKS/2026/7, दिनांक: 04/08/2026) थमा दिया है।

कागजों में 'धातु' की मूर्ति, जमीन पर 'सीमेंट-कंक्रीट' का ढांचा!
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रशासन की नीयत पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में जनता की आंखों में धूल झोंकने का बड़ा खेल खेला गया है। सरकारी कागजों, स्वीकृति और ढिंढोरा पीटने के लिए तो दावा किया गया कि यहाँ चमचमाती धातु (Metal) की भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी, लेकिन जब पर्दा हटा तो अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत का वो गंदा सच सामने आया जिसने सबको चौंका दिया। अफसरों ने असली माल डकार कर वहाँ सीमेंट और कंक्रीट से बनी नकली मूर्ति खड़ी कर दी!

पहली ही बरसात में खुली पोल, धुलने लगी महापुरुष की प्रतिमा!
भ्रष्टाचार की भूख इस कदर हावी थी कि निर्माण में सबसे घटिया दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसकी पोल तब खुली जब सीजन की पहली ही बरसात हुई। पहली बारिश की बौछारें भी यह नकली मूर्ति झेल नहीं सकी और उसका बाहरी हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर पानी में बहने लगा। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने इस पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा है कि यह न केवल जनता की गाढ़ी कमाई की खुली लूट है, बल्कि देश के श्रद्धेय नेता अटल बिहारी वाजपेयी जी की छवि और सम्मान के साथ किया गया एक बेहद घटिया और अक्षम्य खिलवाड़ है।

पूरे प्रदेश में घोटाले की बू, क्रांति सेना ने की 3 बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की मांग:
क्रांति सेना को आशंका है कि यह खेल सिर्फ कटघोरा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के कई अन्य नगर निगमों, पालिकाओं और नगर पंचायतों में भी 'अटल परिसर' योजना के नाम पर ऐसा ही बड़ा डाका डाला गया है। संगठन ने प्रधानमंत्री से सीधे दखल देने की मांग करते हुए तीन बड़ी मांगें सामने रख दी हैं:
1. दिल्ली से बैठे जांच कमेटी: इस पूरे महा-घोटाले की परतें खोलने के लिए केंद्र स्तर पर एक पूरी तरह स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन तुरंत किया जाए।
2. हर मूर्ति का हो एक्स-रे: पूरे छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत लगी एक-एक मूर्ति की गुणवत्ता, उसमें लगी सामग्री, टेक्निकल स्टैंडर्ड और स्वीकृत डिज़ाइन की बारीकी से जांच हो कि कहाँ-कहाँ सीमेंट का चूना लगाया गया है।
3. टेंडर और पेमेंट फाइलों की हो जप्ती: निर्माण से जुड़े सभी टेंडर (निविदा), एग्रीमेंट, अधिकारियों द्वारा किए गए भुगतान और कागजी टेस्ट रिपोर्टों का एक स्वतंत्र ऑडिट कराकर उन चेहरों को बेनकाब किया जाए जिन्होंने इस घोटाले की स्क्रिप्ट लिखी है।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने साफ चेतावनी दी है कि महापुरुषों के अपमान और छत्तीसगढ़ के हक-अधिकारों की इस लड़ाई में वे पीछे नहीं हटेंगे। अगर तत्काल दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो आने वाले दिनों में यह चिंगारी एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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कोरबा कटघोरा
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