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: कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र में मिसाल बनी मानवता: "राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र" की सफल सर्जरी, डॉ. हिमांशु ने लौटाई जिंदगी गरीब पंडो जनजाति के मरीज को मिला नया जीवन, परिवार ने जताया भावुक आभार

Shubh Arvind Sharma

Fri, Jun 20, 2025
कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र में मिसाल बनी मानवता: "राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र" की सफल सर्जरी, डॉ. हिमांशु ने लौटाई जिंदगी गरीब पंडो जनजाति के मरीज को मिला नया जीवन, परिवार ने जताया भावुक आभार कोरबा/कटघोरा। कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु खुटिया ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में मिसाल कायम की है। डॉक्टर हिमांशु ने राष्ट्रपति द्वारा दत्तक ली गई विशेष जनजाति पंडो समाज के एक मरीज की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक कर उसे नई जिंदगी दी है। यह सर्जरी सामान्यतः बड़े मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च कर ही संभव हो पाती है। यह कहानी है कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मानिकपुर के छोटे से गांव तिलधरा के रहने वाले गणेश पंडो की, जो हाल ही में अपने घर की मरम्मत के दौरान एक गंभीर हादसे का शिकार हो गए थे। भारी लकड़ी (म्यार) गिरने से उनका दायां पैर बुरी तरह घायल हो गया था। आर्थिक तंगी के कारण वे इलाज नहीं करवा सके और घरेलू उपायों से ही पीड़ा झेलते रहे। गणेश की बिगड़ती हालत से पूरा परिवार मानसिक तनाव में था, लेकिन गांव के सरपंच मनोहर ने उन्हें कटघोरा अस्पताल में पदस्थ डॉ. हिमांशु खुटिया के बारे में बताया। इसके बाद गणेश को अस्पताल लाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु ने बिना किसी देरी के इलाज शुरू किया। डॉ. हिमांशु ने बताया कि मरीज एक महीने पुराने फ्रैक्चर के साथ आया था, जो समय रहते इलाज न होने से और जटिल हो चुका था। तत्काल ऑपरेशन कर पैर की टूटी हड्डियों को प्लेट के माध्यम से फिक्स किया गया। सर्जरी पूर्ण रूप से सफल रही और गणेश अब पहले की तरह चलने और काम करने में सक्षम होंगे। डॉ. हिमांशु ने जानकारी दी कि यह ऑपरेशन अत्यंत जटिल था, जिसे आमतौर पर बड़े निजी अस्पतालों में ही किया जाता है, लेकिन कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र में सीमित संसाधनों के बीच यह कार्य सफलतापूर्वक कर दिखाया गया। इस कार्य में बीएमओ डॉ. रंजना तिर्की सहित टीम की भूमिका भी सराहनीय रही। स्थानीय समाजसेवियों के सहयोग से मरीज को नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया गया। मरीज गणेश पंडो एवं उनके परिजनों ने भावुक होकर डॉक्टर हिमांशु और स्वास्थ्य केंद्र की पूरी टीम के प्रति आभार प्रकट किया है। इस प्रेरणादायक उदाहरण ने यह साबित कर दिया कि "अगर सेवा का जज़्बा और मजबूत इच्छाशक्ति हो तो सीमित संसाधनों में भी चमत्कार संभव है।" 🔸डॉ. हिमांशु खुटिया - एक नाम, जो बन गया है गरीबों की उम्मीद की किरण। 🔸कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र - अब केवल इलाज का स्थान नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का प्रतीक।

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