अराजकता के खिलाफ 'खाकी' का वज्रप्रहार: : तेजतर्रार TI प्रेमचंद साहू बने अपराधियों के लिए साक्षात काल, दीपका के बाद अब कटघोरा में हिलाई गुंडों की चूलें
Shubh Arvind Sharma
Wed, Sep 9, 2026
अराजकता के खिलाफ 'खाकी' का वज्रप्रहार: तेजतर्रार TI प्रेमचंद साहू बने अपराधियों के लिए साक्षात काल, दीपका के बाद अब कटघोरा में हिलाई गुंडों की चूलें
कटघोरा (कोरबा)। पुलिस महकमे में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिनका जिक्र आते ही आम जनता के चेहरे पर सुरक्षा का सुकून और अपराधियों के दिलों में खौफ का सैलाब उमड़ पड़ता है। छत्तीसगढ़ पुलिस के ऐसे ही गिने-चुने, बेहद ईमानदार और जांबाज अफसरों में शुमार हैं कटघोरा थाना प्रभारी (TI) प्रेमचंद साहू। अपनी बेदाग छवि, बेमिसाल कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित फैसलों से विभाग का मान बढ़ाने वाले टीआई साहू ने कटघोरा कमान संभालते ही 'खाकी के इकबाल' को उस मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां कानून से खिलवाड़ करने की सोचना भी गुनाह है।

दीपका में ढहाया था संगठित अपराध का साम्राज्य
यह पहली बार नहीं है जब टीआई प्रेमचंद साहू का नाम सुनकर अपराधियों के पसीने छूट रहे हैं। इससे पूर्व दीपका थाना प्रभारी के रूप में उनका कार्यकाल कानून व्यवस्था की एक जीती-जागती मिसाल बन चुका है। दीपका में पदस्थापना के दौरान उन्होंने क्षेत्र में जड़े जमा चुके संगठित अपराध, कोयला-कबाड़ की सिंडिकेट चोरी, और जुआ-सट्टा के काले कारोबार पर ऐसा वज्रप्रहार किया था कि बड़े से बड़े रसूखदार गुंडे-बदमाशों की चूलें हिल गई थीं। उन्होंने माफियाओं के नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर दीपका की धरती को अपराध मुक्त बनाने का ऐतिहासिक काम किया था।

हंसमुख व्यक्तित्व के पीछे छुपा है अपराधियों का 'काल'
थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू के व्यक्तित्व का एक अद्भुत और अनूठा विरोधाभास है। वे स्वभाव से जितने सौम्य, शांत और हंसमुख चेहरे के धनी हैं, आम जनता और पीड़ितों के लिए उतने ही सहृदय और देवदूत साबित होते हैं। न्याय की उम्मीद लेकर आने वाले हर पीड़ित के लिए उनके दरवाजे 24 घंटे खुले रहते हैं। आम नागरिकों से उनकी आत्मीयता खाकी के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करती है। लेकिन, जैसे ही कोई असामाजिक तत्व कानून हाथ में लेने या समाज की शांति भंग करने की जुर्रत करता है, टीआई साहू का यही हंसमुख चेहरा उपद्रवियों के लिए साक्षात 'काल' का रूप अख्तियार कर लेता है।

शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले हुड़दंगी पहुंचे हवालात
हाल ही में 'कटघोरा का राजा' शोभायात्रा के दौरान कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने वाले हुड़दंगी पदुम पाटिल पर की गई तत्काल कानूनी 'सर्जिकल स्ट्राइक' टीआई साहू की कड़क कार्यशैली का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी (IPS) के कड़े निर्देशों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले व नितिश ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में, टीआई साहू की टीम ने खाकी पर हाथ डालने वाले आरोपी के सारे रौब को पल भर में ठंडा करते हुए उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

जनता का अटूट विश्वास, अपराधियों को अंतिम चेतावनी
थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने दो टूक शब्दों में असामाजिक तत्वों को चेताया है कि कटघोरा में गुंडागर्दी और अराजकता के लिए रत्ती भर भी जगह नहीं है। आज यदि कटघोरा की माताएं-बहनें और व्यापारी खुद को पूरी तरह महफूज महसूस करते हैं, तो इसके पीछे टीआई प्रेमचंद साहू और उनकी टीम की चौबीसों घंटे की मुस्तैदी और चट्टानी इरादे हैं। ऐसे जांबाज और बेदाग अफसर की बदौलत ही आज आम जनता का पुलिस प्रशासन पर भरोसा हिमालय की तरह अडिग है।
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कोरबा कटघोरा
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