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मूलनिवासी किसान संघ का धरना खत्म नहीं, हक की लड़ाई के लिए मैदान में डटे किसान!

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अफवाहबाजों को तमाचा: : मूलनिवासी किसान संघ का धरना खत्म नहीं, हक की लड़ाई के लिए मैदान में डटे किसान!

Shubh Arvind Sharma

Fri, Aug 14, 2026

अफवाहबाजों को तमाचा: मूलनिवासी किसान संघ का धरना खत्म नहीं, हक की लड़ाई के लिए मैदान में डटे किसान!

विशेष संवाददाता, छत्तीसगढ़ | 14 अगस्त, 2026

कायरतापूर्ण साजिश और सोशल मीडिया की झूठी अफवाहों को ठेंगा दिखाते हुए मूलनिवासी किसान संघ ने साफ कर दिया है कि उनका ऐतिहासिक धरना समाप्त नहीं हुआ है। आंदोलन को तोड़ने और किसानों की पीठ में छुरा घोंपने के इरादे से इंटरनेट पर जो भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से बेबुनियाद और विरोधियों की हताशा का प्रमाण हैं।

आंदोलन को कमजोर करने की गंदी साजिश नाकाम

किसान संघ के नेताओं ने गरजते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व और बिके हुए तंत्र किसानों की एकजुटता से डर गए हैं। यही वजह है कि बंद कमरों में बैठकर धरना समाप्ति का झूठा प्रोपेगैंडा रचा जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि ऐसी गीदड़ भभकियों और फर्जी संदेशों से किसानों का हौसला टूटने वाला नहीं है, बल्कि इससे उनका गुस्सा और ज्यादा भड़क गया है।

लिखित गारंटी के बिना एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे

धरना स्थल से जारी खुली चुनौती में साफ कहा गया है, "प्रशासन और सरकार कान खोलकर सुन ले, जब तक हमारी एक-एक मांग को लिखित में पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन की यह आग ठंडी नहीं होगी। हम भीख नहीं, अपना हक मांग रहे हैं। जो लोग यह सोच रहे हैं कि अफवाहें फैलाकर वे मैदान खाली करा लेंगे, वे कान खोलकर सुन लें कि किसान अपनी आखिरी सांस तक मोर्चे पर डटा रहेगा।"

गद्दारों और अफवाहबाजों से सावधान रहने की चेतावनी

संघ ने सभी आंदोलनकारी किसानों और समर्थकों से आह्वान किया है कि वे सोशल मीडिया के इन 'डिजिटल गद्दारों' की किसी भी बात पर भरोसा न करें। आंदोलन पूरी ताकत, अनुशासन और आक्रामकता के साथ आगे बढ़ रहा है। संगठन ने दोटूक शब्दों में कहा है कि अब समझौता केवल और केवल हमारी शर्तों पर होगा, किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।

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कोरबा कटघोरा

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