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: कटघोरा में लाखों का खेल! चौपाटी और पुष्पवाटिका की लागत पर उठे सवाल, जनता बोली – आखिर 82 लाख किन कार्यो में हुआ ख़र्च.?

Shubh Arvind Sharma

Mon, Jul 14, 2025
कटघोरा में लाखों का खेल! चौपाटी और पुष्पवाटिका की लागत पर उठे सवाल, जनता बोली – आखिर 82 लाख किन कार्यो में हुआ ख़र्च.? कटघोरा। वार्ड क्रमांक 02 में नगर पालिका द्वारा निर्मित चौपाटी और पुष्पवाटिका का लोकार्पण 10 जुलाई को किया गया, लेकिन उद्घाटन समारोह में बताई गई लागत पर जनता सवाल उठा रही है। चौपाटी पर 19.41 लाख और पुष्पवाटिका पर 62.69 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया गया, मगर स्थल पर मौजूद व्यवस्था और निर्माण की गुणवत्ता इस भारी भरकम राशि से मेल नहीं खा रही है। यही कारण है कि इन दोनों निर्माण कार्यों को लेकर अब नगर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है – "इतना पैसा आखिर गया तो गया कहां?" जनता का कहना है कि जहां बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं, महिलाओं और बच्चों के लिए शौचालय नहीं, सीसीटीवी जैसे सुरक्षा इंतजाम नहीं, वहां 19 लाख और 62 लाख रुपये का खर्च दिखाना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की बू देता है। पुष्पवाटिका के सौंदर्यीकरण के नाम पर महज कुछ फूल-पौधे और टाइल्स लगाकर करोड़ के करीब खर्च दिखाना जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। लोकार्पण स्थल पर पहुंचे लोगों ने भी मौके पर निर्माण की स्थिति देख जमकर नाराजगी जताई और नगर पालिका को आड़े हाथों लिया। बताया जा रहा है कि दोनों निर्माण कार्य डीएमएफ मद से स्वीकृत थे। चौपाटी के लिए 25.55 लाख और पुष्पवाटिका के लिए 79.36 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। कार्य ठेके पर कराया गया जिसमें BELOW SOR दर के आधार पर चौपाटी में 19.41 लाख और पुष्पवाटिका में 62.69 लाख का व्यय बताया गया है। पर सवाल यही उठ रहा है कि जब दरें कम थीं तो गुणवत्ता और सुविधाओं में बढ़ोतरी क्यों नहीं दिखी? सूत्रों की मानें तो इस पूरे प्रकरण में गहरी सांठगांठ और मोटा कमीशनखोरी का खेल हुआ है। निर्माण कार्य में मटेरियल से लेकर डिज़ाइन तक सबकुछ औपचारिकता मात्र नजर आ रहा है। जनता साफ तौर पर आरोप लगा रही है कि अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों की तिकड़ी ने मिलकर डीएमएफ मद की राशि को जमकर चूना लगाया है। सूत्रों के हवाले से ये भी सामने आया है कि पालिका में विपक्षी पार्षद भी इस भ्रष्टाचार के खेल से अवगत है लेकिन वे चुप्पी साधे बैठे हैं उन्हें डर है कि कहि विरोध किये तो उनकी ठेकेदारी खतरे में ना आ जाये।लोकार्पण के दौरान भी विपक्षी दल के पार्षद नदारद थे केवल भाजपा से एक महिला पार्षद उपस्थित रही।घोटाला हुआ है सभी को पता है लेकिन कोई कुछ कहेगा नही..क्योकि राज के राज में सब की बोलती बंद है। नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने सफाई में महज जांच की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है, लेकिन जनता को अब जांच का भरोसा नहीं रहा। जनता कार्रवाई चाहती है, जवाबदेही चाहती है। कटघोरा के नागरिक इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि आखिर इन तथाकथित विकास कार्यों में कितना विकास हुआ और कितना जेब भराई?

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