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: कटघोरा की जनता बिजली विभाग की लापरवाही से त्रस्त, व्यवस्था हुई पंगु! "बिजली" नाम की सुविधा अब अभिशाप, जिम्मेदार गायब, शिकायतें बेअसर..!

Shubh Arvind Sharma

Mon, Jul 7, 2025
कटघोरा की जनता बिजली विभाग की लापरवाही से त्रस्त, व्यवस्था हुई पंगु! "बिजली" नाम की सुविधा अब अभिशाप, जिम्मेदार गायब, शिकायतें बेअसर..! कटघोरा, कोरबा। कटघोरा में बिजली विभाग की लचर और भ्रष्ट व्यवस्था ने आम जनता की नाक में दम कर दिया है। यह विभाग अब सुविधा नहीं, बल्कि एक अभिशाप बन गया है। हर दिन बिजली की आंखमिचौली, ट्रिपिंग, घंटों की कटौती और खराब ट्रांसफॉर्मर की समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। लेकिन जिम्मेदार अफसर नदारद हैं और विभाग के कर्मचारी फोन उठाने तक की ज़हमत नहीं उठाते। बिजली चाहिए? तो भुगतो..! गर्मी हो या बरसात, बिजली विभाग का एक ही रवैया – "जनता परेशान हो तो हो, हमें क्या!"। कटघोरा के सैकड़ों उपभोक्ताओं ने कई बार विभाग से शिकायत की, लेकिन न तो सुनवाई होती है, न कोई सुधार। शिकायत दर्ज कराओ तो जवाब मिलता है – "ट्रांसफार्मर जल गया है", "लाइनमैन छुट्टी पर है", या फिर "बिल जमा नहीं हुआ होगा!"। भ्रष्टाचार और लापरवाही की गठजोड़ सूत्रों की मानें तो बिजली विभाग में बिना पैसे के काम होना नामुमकिन है। ट्रांसफार्मर खराब हो तो नया लाने के लिए चंदा वसूली होती है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भयावह है – जहां ट्रांसफार्मर जल जाए, वहां 4-5 दिन तक अंधकार ही नसीब होता है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि कई उपभोक्ताओं को तो 48 से 72 घंटे तक बिना बिजली के जीवन काटना पड़ता है। वसूली में फुर्ती, सेवा में सुस्ती जब बात बिजली बिल वसूली की आती है, तो विभाग पूरी फुर्ती से उपभोक्ताओं के घर पहुंच जाता है। मीटर रीडिंग से लेकर कनेक्शन काटने तक की धमकी में कोई देर नहीं लगाई जाती, लेकिन जब वही उपभोक्ता बिजली आपूर्ति की मांग करता है, तो उसे सिर्फ आश्वासन और बहाने मिलते हैं। प्रशासन खामोश, जनप्रतिनिधि मौन सबसे गंभीर बात यह है कि कटघोरा की इस बदहाल व्यवस्था पर न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कोई प्रतिक्रिया आती है, और न ही प्रशासन इस ओर कोई संज्ञान लेता है। ऐसा लगता है जैसे बिजली विभाग को खुली छूट दे दी गई हो – चाहे जनता परेशान हो, बिलखती हो या आंदोलन की कगार पर पहुंचे। जनता का सवाल – कब सुधरेगी व्यवस्था? कटघोरा की जनता अब एक ही सवाल कर रही है – "क्या हमें कभी स्थायी, नियमित और जवाबदेह बिजली सेवा मिलेगी?" या फिर यह विभाग यूं ही भ्रष्टाचार, लापरवाही और मनमानी का अड्डा बना रहेगा?

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